वो कहते थे मुझसे वो बदनाम होते हैं मेरी वजह से अब चाँद पर दाग अच्छे नही लगते बस मैं दूर रहने लगा उनसे इसी वजह से – Alok kathait
Tag Archives: Poetry
इस समय ये असर है
नज़रों की , नजरों पर , नज़रों से नज़र है ज़माने को , ज़माने की , ज़माने से खबर है जलन की , जलन से , जलता ये शहर है इंसान ही , इंसान में भरता ये जहर है सच को , सच बोलने से , सच सुनने का डर है समय का , समय …
