इस समय ये असर है

नज़रों की , नजरों पर , नज़रों से नज़र है ज़माने को , ज़माने की , ज़माने से खबर है जलन की , जलन से , जलता ये शहर है इंसान ही , इंसान में भरता ये जहर है सच को , सच बोलने से , सच सुनने का डर है समय का , समय …

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