वो कहते थे

वो कहते थे मुझसे
वो बदनाम होते हैं मेरी वजह से

अब चाँद पर दाग अच्छे नही लगते
बस मैं दूर रहने लगा उनसे इसी वजह से

– Alok kathait

इस समय ये असर है

नज़रों की , नजरों पर , नज़रों से नज़र है 
ज़माने को , ज़माने की , ज़माने से खबर है

जलन की , जलन से , जलता ये शहर है
इंसान ही , इंसान में भरता ये जहर है

सच को , सच बोलने से , सच सुनने का डर है
समय का , समय पर , इस समय ये असर है

- Alok kathait

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